-कई मृतक बांग्लादेशी नागरिक थे जो इलाज कराने भारत आए थे, जांच शुरु कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में लगातार दो बड़े होटलों में अग्निकांड से हड़कंप मच गया है। कोलकाता और बीरभूम जिले के धार्मिक स्थल तारापीठ में हुई अलग-अलग आग की दुर्घटनाओं में कुल 18 लोगों की जान चली गई। पुलिस और अग्निशमन विभाग दोनों मामलों में होटल प्रबंधनों द्वारा फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की गहन जांच कर रहे हैं। होटल में ठहरे कई मेहमान बांग्लादेशी नागरिक थे जो इलाज के लिए कोलकाता आए थे। बचाव दल मौके पर पहुंचे और इमारत से कई लोगों को बाहर निकाला। रात 3 बजे के बाद, 9 लोगों को बचाया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फायर विभाग ने बताया कि सभी मृतक बांग्लादेशी नागरिक थे जो इलाज के लिए शहर में आए थे। अधिकारी इन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त उपाय और उचित इंतज़ाम नहीं थे। अधिकारियों ने अभी तक आग लगने के सही कारण का पता नहीं लगाया है। जांच जारी है। कोलकाता में आग की यह घटना बंगाल के बीरभूम ज़िले के एक होटल में लगी आग के ठीक एक दिन बाद हुई है। सोमवार को तड़के करीब 4 बजे तारापीठ में चार मंज़िला होटल के ग्राउंड फ्लोर पर आग लग गई, जब ज़्यादातर मेहमान सो रहे थे। आग की लपटें दूसरी मंज़िल तक फैल गईं, जबकि घने धुएं ने इमारत के ऊपरी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें मेघालय के एक परिवार के 5 सदस्य भी शामिल थे। पुलिस ने होटल के मालिक कल्याण पाल समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई होटल में आग से सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच के तहत की गई है। घटना के समय होटल में 43 लोग ठहरे थे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती मेडिकल जांच के बाद 34 मेहमानों को छुट्टी दे दी गई, जबकि अस्पताल में इलाज करा रहे एक घायल व्यक्ति की बाद में मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। कई मेहमान तीर्थयात्री थे जो पवित्र श्रावण महीने के आखिरी सोमवार को पूजा-अर्चना करने के लिए तारापीठ आए थे। सिराज/ईएमएस 19अगस्त26