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08-Aug-2026
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रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने खोला पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा, ईओडब्ल्यू में की शिकायत... संपत्तियों की जांच की मांग काली कमाई से शिवराज ने बेटों के नाम पर किया बड़ा निवेश... भोपाल, (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डबास ने ईओडब्ल्यू के महानिदेशक को शिकायत कर शिवराज सिंह चौहान, उनकी पत्नी साधना सिंह एवं पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान और कुणाल सिंह चौहान के नाम पर कथित रूप से अर्जित संपत्तियों, कंपनियों, फर्मों और वित्तीय लेन-देन की जांच कराने की मांग की है। डबास ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शिवराज सिंह चौहान के लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कई चर्चित मामलों, जिनमें व्यापमं, ई-टेंडर, डंपर, पोषण आहार, अवैध रेत खनन, वृक्षारोपण, छात्रवृत्ति, नर्सिंग कॉलेज, मिड-डे मील, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसे भ्रष्टाचार के प्रकरण हुए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच नहीं हुई। शिकायत में इन मामलों का हवाला देते हुए व्यापक आर्थिक जांच की मांग की गई है। जमीनों और निवेश पर उठाए सवाल शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले सीमित कृषि भूमि रखने वाले शिवराज सिंह चौहान के परिवार ने बाद के वर्षों में विदिशा और सीहोर जिलों के विभिन्न क्षेत्रों, जिनमें ढोलखेड़ी, बदनपुर गांव शामिल हैं, में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी। शिकायतकर्ता ने इन संपत्तियों के लिए उपयोग किए गए धन के स्रोत और भुगतान के तरीकों की जांच की मांग की है। कंपनियों और फर्मों की जांच की मांग, माही खान भी साझेदार शिकायत में कोकिला ऑर्गेनिक प्रालि, ट्रिटियम केमटेक एलएलपी, के2 सिनर्जी एलएलपी, भारत फोटोवोल्टेनिक प्रालि, ग्रीनवुड बायोएनर्जी बेंचर्स एलएलपी और प्रेम सुंदर फाउंडेशन का उल्लेख करते हुए इनके गठन, पूंजी निवेश और वित्तीय गतिविधियों की जांच कराने की मांग की गई है। ये फर्म और कंपनियां शिवराज की पत्नी साधना सिंह, बेटे कार्तिकेय सिंह, कुणाल सिंह के नाम पर संचालित की जा रही हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि ट्रिटियम केमटेक एलएलपी में कुणाल सिंह चौहान के साथ माही खान भी साझेदार हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी जमीन पर सवाल कार्तिकेय ने जमीनों के लैंड यूज बदले शिकायत के अनुसार, कुणाल सिंह चौहान के नाम पर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि खरीदी गई है। वहीं कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम पर भी ढोलखेड़ी और जैत क्षेत्र में भूमि होने तथा उसके भूमि उपयोग में बदलाव का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई है। सुधामृत ब्रांड को लेकर भी आरोप डबास ने शिकायत में आरोप लगाया है कि सुंदर डेयरी एंड फूड के सुधामृत ब्रांड के माध्यम से डेयरी उत्पाद, पैकेज्ड पेयजल और अन्य उत्पादों का कारोबार किया जा रहा है। विदिशा शहर से लगे ढोलखेड़ी स्थित कई एकड़ में फैली डेयरी में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है। शिकायतकर्ता ने इस कारोबार में लगाए गए निवेश, पूंजी के स्रोत और वित्तीय लेन-देन की जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी की वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों की जांच की जानी चाहिए। डबास ने आरोप लगाए कि सुधामृत के प्रोडक्ट की बिक्री काफी कम है। ये कंपनी केवल कालेधन को सफेद करने का काम कर रही है। दिलीप बिल्डकॉन का भी जिक्र डबास ने शिकायत में दिलीप बिल्डकॉन के दिलीप सूर्यवंशी का जिक्र करते हुए लिखा कि शिवराज के विश्वसनीय व्यवसायी सूर्यवंशी की शुरुआत में मेसर्स दिलीप बिल्डर्स के नाम से एक छोटी सी प्रोपराइटरशिप फर्म होती थी जिसका टर्नओवर मुश्किल से 5 करोड़ था। वर्ष 2005 में शिवराज के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह फर्म 2006 में ही दिलीप बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हो गई और वर्ष 2007 में दिलीप बिल्डकॉन पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई, जिसका वर्ष 2025-26 में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर है। ऐसी आम चर्चा है कि इस कंपनी में शिवराज का ही पैसा लगा है, जिसकी जांच होनी चाहिए।