-भगवानपुरिया गैंग के साथ मिलकर अमेरिका में कई अपराधों में शामिल होने का है आरोप नई दिल्ली,(ईएमएस)। पंजाब का आपराधिक नेटवर्क अब एफबीआई के निशाने पर आ गया है। इस नेटवर्क से जुड़े गैंगस्टर मेजर सिंह को एफबीआई ने तलाशी सूची में शामिल कर लिया है। मेजर सिंह पर जग्गू भगवानपुरिया गैंग के साथ मिलकर अमेरिका में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उसके खिलाफ 25 जून 2026 को फेडरल गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। मीडिया रिपोर्ट में एफबीआई के मुताबिक जग्गू भगवानपुरिया गैंग की शुरुआत पंजाब में हुई और बाद में इसका नेटवर्क अमेरिका के कैलिफोर्निया और अन्य इलाकों में फैल गया। अमेरिकी जांच में इस संगठन पर संगठित अपराध, बिना लाइसेंस हथियारों के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिशों के आरोप हैं। एफबीआई का कहना है कि मेजर सिंह इसी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन की गतिविधियों में शामिल था। मेजर सिंह के खिलाफ कैलिफोर्निया के केंद्रीय जिले की संघीय अदालत में मामला दर्ज है। उस पर संगठित अपराध से जुड़े कानून का उल्लंघन करने की साजिश और बिना लाइसेंस हथियारों के कारोबार में शामिल होने की साजिश के आरोप हैं। एफबीआई ने साफ किया है कि ये आरोप हैं और अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अमेरिकी एजेंसी अब उसकी तलाश कर रही है और लोगों से उसके बारे में जानकारी देने की अपील की है। एफबीआई के रिकॉर्ड के मुताबिक मेजर सिंह का जन्म 20 जुलाई 1997 को हुआ है और उसकी राष्ट्रीयता भारतीय है। उसकी लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच और वजन करीब 182 पाउंड है। उसके बाल और आंखें काली हैं। एफबीआई ने उसकी तस्वीर भी जारी की है। एजेंसी ने लोगों से कहा है कि अगर उसके बारे में कोई जानकारी हो तो स्थानीय एफबीआई कार्यालय, नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया जा सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जुलाई 2026 में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ बड़ी संयुक्त कार्रवाई की थी। इस अभियान में 24 लोगों को गिरफ्तार किया था और कुल 37 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग अभियोग लगाए गए थे। ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ कई सालों से चल रही जांच का नतीजा था। जांच में इन गिरोहों पर जबरन वसूली, टारगेट किलिंग, गोलीबारी, अपहरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराधों के आरोप सामने आए। कार्रवाई में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियां शामिल थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को निशाना बनाना और उनकी गतिविधियों को बाधित करना था। सिराज/ईएमएस 19अगस्त26