लखनऊ,(ईएमएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आगामी चुनाव के लिए सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की योजना विफल होगी, क्योंकि जनता ने सत्तारूढ़ दल को पूरी तरह नकार दिया है। अखिलेश के इन दावों पर एनडीए नेताओं ने तुरंत पलटवार कर फर्जी खबर बताया और अखिलेश को अपनी पार्टी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। दरअसल अखिलेश ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि भाजपा राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें देने बात कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित व्यवस्था पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों की आबादी के अनुपात में मिलने वाले प्रतिनिधित्व के आधे से भी कम है। सपा अध्यक्ष अखिलेश ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और भर्ती जैसे मुद्दों पर योगी सरकार के खराब रिकॉर्ड के कारण भाजपा की योजना कामयाब नहीं होगी। उन्होंने सरकार पर झूठे मुकदमों और फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई, किसानों के अधिकारों की उपेक्षा और भर्तियों में आरक्षण कमजोर करने का आरोप लगाया। सपा नेता यादव ने अल्पकालिक अग्निवीर योजना को रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं का मनोबल तोड़ने वाला बताया और संविधान में बदलाव की साजिश का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा को विदाई देने के लिए तैयार हैं। अखिलेश के इस बयान पर प्रतिक्रिया देकर उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि अखिलेश फर्जी खबरें फैलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और उसके सहयोगी 2027 के उप्र चुनाव से पहले एकजुट हैं, जबकि सपा अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए संघर्षरत है। बीजेपी नेता सिंह ने अखिलेश को अपनी पार्टी पर ध्यान देने और हार के लिए तैयार रहने की सलाह दी। रालोद नेता रोहित अग्रवाल ने पलटवार कर कहा कि सपा और कांग्रेस ने 2027 के लिए गठबंधन किया है और दोनों बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने वाले है। जिसका अर्थ है कि सपा कांग्रेस को 200 सीटें दे रही है। वहीं, उप्र के मंत्री और अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल एक कैडर आधारित पार्टी है जो जमीनी स्तर पर काम करती है, न कि एसी कमरों से ट्वीट करने की राजनीति में शामिल होती है। आशीष दुबे / 19 अगस्त 2026