::साजिश में शामिल मृतक की पत्नी को साक्ष्यों के अभाव में किया बरी:: इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. शुभ्रा सिंह की कोर्ट ने हत्या के प्रकरण की सुनवाई उपरांत प्रकरण में मुख्य आरोपी निखिल चौहान को दोषी करार देते हत्या के लिए उम्रकैद और साक्ष्य छिपाने के लिए तीन साल की अतिरिक्त सजा सुनाई तथा 2 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश जायसवाल के अनुसार अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि आरोपी निखिल चौहान ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर देवेंद्र कुशवाह की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने देवेंद्र को डेकोरेशन का काम दिलाने के बहाने तीन इमली चौराहे पर बुलाया और वहां से सनावदिया रोड स्थित नायता मुंडला क्षेत्र में ले गए। मारपीट के बाद चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव नर्मदानगर के पास बगीचे के सामने फेंक दिया। घटना 24 अप्रैल 2019 की थी। पुलिस ने शव की पहचान कर जांच कार्रवाई शुरू की तो जांच में निखिल और मृतक की पत्नी दीपा के बीच कुछ बातचीत होने की जानकारी सामने आने के बाद निखिल, दीपा और आशीष उर्फ आशाराम के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया। जहां सुनवाई दौरान अभियोजन द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मुख्य आरोपी निखिल को दोषी करार देते उक्त निर्णय दिया। वहीं पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर मृतक की पत्नी दीपा को बरी कर दिया। आरोपी आशीष उर्फ आशाराम को फरार घोषित कर उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। आनंद पुरोहित/ 19 अगस्त 2026