जबलपुर, (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर वर्ष 2025 में बनाए गए नियमों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 26 अगस्त 2026 को होगी। मंगलवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले को आगामी सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े आरबी राय केस में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार और याचिकाकर्ताओं की ओर से अर्जेंट हियरिंग की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर ही इन याचिकाओं पर आगे की सुनवाई की जाएगी। 2025 के नियमों की संवैधानिकता पर सवाल........... भोपाल की वेटरनरी सर्जन डॉ. स्वाति तिवारी सहित अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण को लेकर बनाए गए वर्ष 2025 के नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से नियमों के विभिन्न संवैधानिक पहलुओं पर अदालत के समक्ष दलीलें रखी गई हैं। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश कौशिक, मनोज शर्मा तथा अधिवक्ता अमोल श्रीवास्तव और लावण्या वर्मा पैरवी कर रहे हैं। वहीं राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित पक्ष रख रहे हैं। हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और अधिवक्ता विनायक शाह पैरवी कर रहे हैं। अब 26 अगस्त की सुनवाई पर नजर रहेगी, जब सुप्रीम कोर्ट में आरबी राय केस की स्थिति और वहां से जारी निर्देशों के आधार पर हाईकोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा। सुनील साहू / मोनिका / 19 अगस्त 2026/ 02.10