राज्य
19-Aug-2026


- केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने केएसआरटीसी प्रबंधन को दिए निर्देश - शिकायत में करीब आधी बसों के बिना बीमा चलने का लगाया गया था आरोप तिरुवनंतपुरम। केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) ने राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) को निर्देश दिया है कि उसकी बसों से होने वाली दुर्घटनाओं में घायल लोगों को बीमा का लाभ बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने यह निर्देश केएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक को दिया है। यह मामला उस शिकायत पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि केएसआरटीसी की करीब आधी बसें बिना बीमा कवर के संचालित हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद मैथ्यू विल्सन ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने केएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक से रिपोर्ट मांगी थी। केएसआरटीसी के मुख्य विधि अधिकारी की ओर से आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि निगम की बसों को अलग से बीमा पॉलिसी लेने से छूट प्राप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, केएसआरटीसी के यात्रियों और कर्मचारियों को न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के माध्यम से ग्रुप इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बीमा लाभ प्राप्त करने में किसी तरह की देरी होने पर संबंधित व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकता है। मामले की सुनवाई के बाद एसएचआरसी ने केएसआरटीसी के एमडी को निर्देश दिया कि दुर्घटना पीड़ितों को लागू बीमा व्यवस्था के तहत मिलने वाले सभी लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। आयोग ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना में घायल यात्रियों और कर्मचारियों को बीमा संबंधी लाभ हासिल करने में अनावश्यक परेशानी या देरी नहीं होनी चाहिए। रामयश/ईएमएस 19 अगस्त 2026