नई दिल्ली (ईएमएस)। रिहायशी इलाकों में ई-रिक्शा की पोर्टेबल बैटरियों की असुरक्षित और अवैध चार्जिंग जानलेवा खतरा बनती जा रही है। पुलिस, नगर निगम और बिजली विभाग की अनदेखी के बीच खासकर जेजे कालोनियों, पुनर्वास बस्तियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में घरों, कमरों, दुकानों, गैराज और छोटे गोदामों में बैटरी चार्ज करने का कारोबार विकसित हो गया है। सोमवार तड़के रघुबीर नगर में इसका भयावह उदाहरण सामने आया, जहां चार्जिंग पर लगी बैटरी में विस्फोट से आग फैलने के बाद मामा-भांजे की मौत हो गई। यहां एक मकान की पहली मंजिल के कमरे में सोमवार तड़के करीब 24 पोर्टेबल बैटरियां चार्ज हो रही थीं। एक बैटरी में विस्फोट से आग फैल गई थी। पता चला यहां किशन नाम का व्यक्ति ई रक्शा के पोर्टेबल बैटरियां चार्ज करने का काम करता था। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/ 19 /अगस्त /2026