नई दिल्ली (ईएमएस)। मयूर विहार फेज-तीन में न्यू कोंडली स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को निर्देश दिया है। एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने रिकार्ड पर लिया कि वर्तमान में उपचारात्मक उपाय किए गए हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों को एसटीपी की नियमित निगरानी जारी रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि ये संयंत्र लागू पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कार्य करें। एनजीटी ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एसटीपी से निकलने वाली दुर्गंध के कारण क्षेत्र के निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एनजीटी ने रिकार्ड पर लिया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है। उक्त तथ्यों को देखते हुए एनजीटी ने डीपीसीसी को उक्त धनराशि की शीघ्र वसूली के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/ 19 /अगस्त /2026