राज्य
19-Aug-2026


- मद्रास हाई कोर्ट ने कहा- केंद्र की अधिसूचना तमिल थाई वाजथु को पहले गाने पर रोक नहीं लगाती - केंद्र ने भी स्पष्ट किया कि राज्य गीत का उल्लेख आदेश में नहीं चेन्नई (ईएमएस)। मद्रास हाई कोर्ट ने सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। अदालत ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की वह अधिसूचना, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को पहले गाने की बात कही गई है, तमिलनाडु के राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ को उससे पहले गाए जाने पर रोक नहीं लगाती। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष एक जनहित याचिका पर हुई। याचिका अनन्या राधाकृष्णन ने दायर की थी और इसमें केंद्र सरकार की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि गृह मंत्रालय की अधिसूचना में केवल ‘वंदे मातरम’ के बाद राष्ट्रगान गाए जाने की व्यवस्था का उल्लेख है। केंद्र ने स्पष्ट किया कि अधिसूचना में राज्य गीत के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से इस मुद्दे को लेकर आपत्ति जताई गई थी। उनका कहना था कि केंद्र की अधिसूचना को लेकर ऐसी स्थिति पैदा हो रही है, जिससे तमिलनाडु के राज्य गीत के संबंध में भ्रम की स्थिति बन सकती है। अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि केंद्र का आदेश ‘वंदे मातरम’ को पहले गाने की बात करता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि ‘तमिल थाई वाजथु’ को उससे पहले गाने पर प्रतिबंध है। हालांकि, इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने अभी विस्तृत आदेश जारी नहीं किया है। अदालत का लिखित आदेश सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। रामयश/ईएमएस 19 अगस्त 2026