राज्य
30-Jul-2026
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- छह लेन रिंग रोड और हाई-स्पीड कॉरिडोर से दोनों राज्यों को मिलेगा लाभ - बाढ़ नियंत्रण के लिए साझा जिम्मेदारी पर दिया जोर शिलांग/गुवाहाटी (ईएमएस)। मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसॉन्ग ने कहा है कि असम के प्रस्तावित छह लेन रिंग रोड परियोजना से मेघालय को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सोनापुर से मेघालय के सिलसा क्षेत्र तक सड़क को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे दोनों राज्यों के बीच यातायात और संपर्क बेहतर होगा। टिनसॉन्ग ने कहा कि जोराबाट और आसपास के क्षेत्रों में बार-बार होने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान केवल बेहतर ड्रेनेज और मजबूत कल्वर्ट व्यवस्था से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की योजना बनाते समय इन सभी तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है और विशेषज्ञ सलाहकार इस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेघालय ऊंचाई पर स्थित है और असम का बड़ा हिस्सा निचले क्षेत्र में होने के कारण बारिश का पानी स्वाभाविक रूप से नीचे की ओर आता है। ऐसे में बाढ़ के लिए केवल किसी एक राज्य को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए तो बाढ़ के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि, अत्यधिक वर्षा का सटीक अनुमान पहले से लगाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक चुनौती से निपटने के लिए असम और मेघालय दोनों की समान जिम्मेदारी है। दोनों राज्यों को मिलकर आधारभूत ढांचे को मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।