अगरतला (ईएमएस)। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ माकपा नेता माणिक सरकार ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध और अस्वाभाविक मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच त्रिपुरा हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। मीडिया से बातचीत में माणिक सरकार ने कहा कि घटना के तुरंत बाद उनकी पार्टी ने हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी की अस्वाभाविक मौत को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता और इसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। उन्होंने अनुराग धनखड़ के साथ अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक एसडीपीओ से लेकर डीजीपी बनने तक उनकी कार्यशैली को करीब दो दशकों तक देखा था। माणिक सरकार ने आरोप लगाया कि पिछले आठ-दस महीनों में त्रिपुरा की कानून-व्यवस्था बिगड़ी है और इस कारण पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ा। उनका दावा है कि धनखड़ हालात सुधारने का प्रयास कर रहे थे, जिससे शीर्ष स्तर पर मतभेद भी पैदा हो सकते थे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) पर सवाल उठाते हुए कहा कि सेवारत डीजीपी की मौत जैसे गंभीर मामले में न्यायिक निगरानी वाली जांच ही जनता का विश्वास कायम कर सकती है। उल्लेखनीय है कि अनुराग धनखड़ 20 जुलाई को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के वॉशरूम में मृत पाए गए थे।