राज्य
25-Jul-2026
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- एथेनॉल की आड़, चावल का खेल... अब रसूख भी रडार पर! - एसआईटी के रडार पर पूरा नेटवर्क, - दो बड़े चेहरों की गिरफ्तारी से मचा हडक़ंप - अब तक 12 आरोपी सलाखों के पीछे, 22 ट्रक जब्त बालाघाट (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित सरकारी चावल घोटाले में एसआईटी ने शिकंजा और कसते हुए शुक्रवार को दो और बड़े चेहरों को गिरफ्तार किया है। पूर्व मंत्री और वर्तमान में भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस मिल के बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा और संचेती राइस मिल का प्रबंधन संभाल रहे राजेश उर्फ राजू संचेती को गिरफ्तार किया गया है। लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद मुख्य आरोपी फरार हैं। एसआईटी ने अभी तक इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो बड़े चेहरों की गिरफ्तार से हडक़ंप मच गया है। एथेनॉल प्लांट के नाम पर हुए करोड़ों के चावल घोटाले में एसआईटी की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। शुक्रवार को पुलिस ने हर्ष राइस मिल के प्रोपाइटर व बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा और संचेती राइस मिल वारासिवनी में मैनेजमेंट संभाल रहे राजेश उर्फ राजू संचेती को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है। इस प्रकरण में अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी सौरभ संचेती, गंभीर संचेती, एवीजे एथेनॉल प्लांट के मालिक अभिवन सिंघल और अरुण सिंघल समेत कई बड़े नाम अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एसआईटी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन गिरफ्तारी न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। -हर्ष राइस मिल में 20 प्रतिशत का हिस्सेदार है विनोद शर्मा एसआईटी की जांच में सामने आया है कि हर्ष राइस मिल में विनोद शर्मा की करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसी तरह कुमारा कावरे और उनके भतीजे अविनाश कावरे और परिवार से जुड़े अन्य सदस्यों की भी इसमें भागीदार हैं। लंबी पूछताछ के बाद उसकी भूमिका स्पष्ट होने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद अब हर्ष राइस मिल से जुड़े अन्य पार्टनरों की मुश्किलें भी बढऩे वाली हैं। -संचेती राइस मिल में प्रबंधन का कार्य संभालते है राजेश सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसआईटी ने जांच में पाया कि राजेश संचेती संचेती राइस मिल का आर्थिक संचालन संभाल रहा था और वही इस पूरे खेल की अहम कड़ी बनकर सामने आया है। पुलिस के मुताबिक 2 जून 2026 को एफसीआई नवेगांव से एथेनॉल प्लांट के लिए ट्रक क्रमांक सीजी 04 एचबी 5082 नवेगांव स्थित एफसीआई गोदाम से चावल लोड कर एवीजे एथेनॉल प्लांट बोरगांव छिंदवाड़ा के लिए निकला था, जो उसी दिन संचेती राइस मिल में खाली हुआ है। पुलिस ने जहां से करीब दो हजार बारदाने जब्त किए थे। यह ट्रक जब खाली हो रहा था, तब राजेश संचेती मौके पर मौजूद था, पुलिस को इसके साक्ष्य मिले हैं। इन पूरे तथ्यों के आधार पर पुलिस ने राजेश संचेती को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया है। -घोटाले की खुलती जा रही परतें एसआईटी ने इस मामले में अब तक 22 ट्रकों को जब्त कर चुकी है, जिनका इस्तेमाल चावल की हेराफेरी में किया गया। ये सभी ट्रक पुलिस अभिरक्षा में हैं। लगातार छापेमारी और पूछताछ के बीच घोटाले की परतें एक-एक कर खुल रही हैं, जिससे यह मामला और भी बड़ा रूप लेता जा रहा है। - अग्रिम जमानत की होड़, डर का असर साफ एसआईटी की सख्ती का असर यह है कि कई संदिग्ध गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत का सहारा ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ ऐसे लोग भी जमानत ले चुके हैं, जिनकी भूमिका अभी तक सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के गोंदिया के एक कारोबारी समूह ने पूरे परिवार की अग्रिम जमानत ले रखी है—जो इस मामले की गंभीरता और भय का संकेत है। -बड़ा सवाल-कब पकड़े जाएंगे असली चेहरे? लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बावजूद मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या एसआईटी जल्द इस घोटाले के मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी या फिर मामला केवल छोटे-बड़े चेहरों तक ही सीमित रह जाएगा? फिलहाल, जांच तेज है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की पूरी संभावना जताई जा रही है। ‘- पॉलिटिकल प्रोटेक्शन’ में चावल का ‘महाघोटाला’, ‘हर्ष इंडस्ट्रीज’ पर ब्लैकलिस्टिंग की उल्टी गिनती शुरू सरकारी चावल घोटाला अब सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि सत्ता और सिस्टम के गठजोड़ का खुला खेल बनता जा रहा है। एथेनॉल उत्पादन की आड़ में सरकारी चावल की लूट के इस महाघोटाले में अब सत्ताधारी दल से जुड़े परिवार की एंट्री ने पूरे मामले को विस्फोटक बना दिया है। हर्ष राइस मिल—जिसका संचालन भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भाई कुमार कावरे द्वारा किया जा रहा है— जो किअब ब्लैकलिस्टिंग के मुहाने पर खड़ी है। एसआईटी के खुलासे के बाद एफसीआई के जिला प्रबंधक ने अपने ही विभाग के महाप्रबंधक को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। सवाल सीधा है क्या कार्रवाई होगी या फिर ‘रसूख’ के आगे सिस्टम फिर झुक जाएगा? बालाघाट में उजागर हुए बहुचर्चित चावल हेराफेरी कांड में अब हर्ष इंडस्ट्रीज पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यह राइस मिल भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे से जुड़ी बताई जा रही है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में इस मिल की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के जिला प्रबंधक ने भोपाल स्थित क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से कार्रवाई की अनुशंसा कर दी है। इस पूरे घोटाले की शुरुआत 3 जून को उस समय हुई, जब वारासिवनी स्थित संचेती राइस मिल परिसर में 242.55 क्विंटल चावल से भरा ट्रक पकड़ा गया। यह चावल एफसीआई नवेगांव डिपो से एवीजे एग्रीको प्राइवेट लिमिटेड, बोरगांव (छिंदवाड़ा) के नाम पर जारी हुआ था। मामले में 5 जून को एफआईआर दर्ज कर एसपी द्वारा एसआईटी गठित की गई थी। - संचेती राइस मिल हो चुकी है ब्लैकलिस्ट पत्र में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि हर्ष राइस मिल अकेली नहीं, बल्कि 11 अन्य राइस मिल और 2 गोदाम भी इस संगठित घोटाले का हिस्सा हैं। इससे पहले संचेती राइस मिल को ब्लैकलिस्ट कर 44 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए जा चुके हैं—अब बाकी मिलर्स की बारी है। -हर्ष राइस मिल के बिजनेस सदस्यों से हुई पूछताछ जांच में यह भी सामने आया है कि एथेनॉल प्लांट के नाम पर सरकारी चावल की अफरा-तफरी का खेल लंबे समय से चल रहा था। एसआईटी ने हर्ष राइस मिल से जुड़े कुमार कावरे और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की है, लेकिन अब तक किसी बड़े आरोपी पर सीधी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। एसआईटी लगातार नेताजी के भतीजे से पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। - महाराष्ट्र, छग के मिलर्सों से भी हो रही पूछताछ अब जांच का दायरा मध्यप्रदेश से निकलकर महाराष्ट्र (गोंदिया) और छत्तीसगढ़ (राजनांदगांव) तक फैल चुका है। एसआईटी की जांच में अब तक 12 राइस मिलर्स और 2 गोदामों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। इधर, दिल्ली और भोपाल से पहुंची एफसीआई विजिलेंस टीम भी जांच में जुटी है। संलिप्त मिलरों को कस्टम मिलिंग के लिए धान आबंंटन और वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि आखिर यह पूरा ‘चावल से एथेनॉल’ का खेल कब से और किन संरक्षणों में चल रहा था। - इनका कहना है चावल घोटाला मामले में दो नए और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में हर्ष राइस मिल के प्रोपाइटर विनोद शर्मा और संचेती राइस मिल के प्रबंधन संभाल रहे राजेश संचेती को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। -आदित्य मिश्रा, एसपी, बालाघाट