भोपाल (ईएमएस)। छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों के शांतिपूर्ण आंदोलन को प्रशासन द्वारा हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने की कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि परियोजना से प्रभावित ग्रामीण उचित मुआवजे, पुनर्वास और अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इसके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस ने उनकी समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें जबरन धरना स्थल से हटा दिया। कांग्रेस के अनुसार, कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। अरुण यादव ने सवाल उठाया कि जब नागरिक अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं, तो सरकार उनसे संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता क्यों अपना रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान बातचीत और सहमति के माध्यम से किया जाना चाहिए। पार्टी ने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए तथा आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक संवाद स्थापित किया जाए।