व्यापार
21-Jun-2026
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मुंबई (ईएमएस)। घरेलू शेयर बाजार पिछले सप्ताह की गिरावट से उबरने की कोशिश में इस हफ्ते कई महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू कारकों पर पैनी नजर रखेंगे। निवेशकों के लिए जहां भू-राजनीतिक स्थिरता अहम होगी, वहीं देश के भीतर मानसून की प्रगति और प्रमुख आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करेंगे। विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के क्रियान्वयन में होने वाली प्रगति पर बाजार की गहरी निगाहें टिकी रहेंगी। यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए सुचारु रूप से खुलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और भू-राजनीतिक स्थिरता पर इसका सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा, जो शेयर बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक हो सकता है। वैश्विक परिदृश्य के साथ ही घरेलू मोर्चे पर मानसून की प्रगति भी निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कृषि-आधारित भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर मानसून ग्रामीण मांग और कॉर्पोरेट आय को बढ़ावा देता है। इसके अतिरिक्त, देश के आठ महत्वपूर्ण कोर उद्योगों के आंकड़े भी जारी होंगे, जो अर्थव्यवस्था की सेहत का संकेत देंगे और बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इन सभी कारकों का समग्र प्रभाव आगामी सप्ताह में बाजार की दिशा तय करेगा। बाजार के ‎विश्लेषकों ने कहा ‎कि बाजार की नजर मई महीने के थोक मूल्य सूचकांक (डब्लयूपीआई) और ‎रिजर्व बैंक आफ इं‎डिया द्वारा जारी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी)के मिनट्स पर टिकी हुई है, ताकि भविष्य की ब्याज दरों का अनुमान लगाया जा सके। विदेशी निवेशकों के रुख और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों से बाजार में तरलता तय हो रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। सतीश मोरे/21जून ---