- वाहन कंपनियों के मासिक बिक्री आंकड़े भी बाजार के सेंटीमेंट पर सीधा असर डालेंगे मुंबई (ईएमएए)। पिछले सप्ताह की मामूली बढ़त के बाद, भारतीय शेयर बाजार आगामी सप्ताह में कई घरेलू और वैश्विक कारकों से अपनी दिशा तय करेगा। निवेशकों की पैनी नजर जहां औद्योगिक उत्पादन, क्रय प्रबंधक सूचकांक और वाहन बिक्री जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी, वहीं मानसून की प्रगति भी बाजार के रुख को प्रभावित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता भी वैश्विक बाजारों के माध्यम से घरेलू धारणा पर असर डाल सकता है। आगामी सप्ताह कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र के लिए पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) के आंकड़े निवेशकों को देश की आर्थिक सेहत का संकेत देंगे। इसके अलावा, वाहन कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले मासिक बिक्री आंकड़े भी बाजार के सेंटीमेंट पर सीधा असर डालेंगे। कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था होने के नाते, मानसून की प्रगति हमेशा से भारतीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक रही है। हालांकि, इस बार मानसून 10 दिनों की देरी के बाद पश्चिमी भारत में आगे बढ़ा है, लेकिन पूर्वी भारत में इसकी धीमी गति चिंता का विषय बनी हुई है। यदि मानसून पूर्वी क्षेत्रों में कमजोर रहता है, तो यह निवेश धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय मोर्चे पर, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित अंतिम शांति समझौते की दिशा में प्रगति का सीधा असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों और अंततः शेयर बाजार पर दिखेगा। पिछले सप्ताह की बात करें तो, उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद घरेलू बाजारों ने मामूली बढ़त दर्ज की। बीएसई का सेंसेक्स 0.39 प्रतिशत चढ़कर 77,100.47 अंक पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 0.18 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ 24,056 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजारों में, निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.03 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। सतीश मोरे/28जून ---