:: 21 जून को 30 जिलों के 283 केंद्रों पर होगी परीक्षा, परीक्षार्थियों को मिलेंगे 15 मिनट अतिरिक्त :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि नीट राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, इसलिए इसकी सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं। बेहतर प्रबंधन एवं कार्य कुशलता से पूरी पारदर्शिता के साथ यह परीक्षा सम्पन्न कराएं। आयोजन में किसी भी स्तर पर त्रुटि नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए 21 जून (रविवार) को होने वाली नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा प्रदेश के 30 जिलों के 283 केंद्रों पर होगी, जिसमें इस बार परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक पेन-पेपर मोड पर होगी। :: जबलपुर और योग दिवस को लेकर यातायात का रहे विशेष प्लान :: मुख्यमंत्री यादव ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी और जैमर 19 जून तक लगाकर 20 जून को उनका ट्रायल रन कर लिया जाए। उन्होंने सचेत किया कि 21 जून को राष्ट्रपति का जबलपुर प्रवास प्रस्तावित है, जहां 24 केंद्रों पर परीक्षा होनी है। इसके अलावा उसी दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन भी हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी यातायात का ऐसा प्लान बनाएं कि परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में कोई बाधा न आए। साधन न मिलने पर प्रशासन और पुलिस अपने वाहनों से बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाएं। नीट की यह एसओपी अब प्रदेश की आगामी सभी परीक्षाओं में लागू होगी। :: बालाघाट में हेलिकॉप्टर से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र, थ्री-लेयर सुरक्षा :: अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क) अनुपम राजन ने बताया कि परीक्षा के प्रश्नपत्र एयरफोर्स के जरिए प्रदेश के 5 एयरपोर्ट पर पहुंच चुके हैं और इन्हें बैंकों में सुरक्षित रखा गया है। बालाघाट में प्रश्नपत्र हेलिकॉप्टर से पहुंचाए जा रहे हैं। केंद्रों पर दो स्तरीय सुरक्षा रहेगी; बाहरी घेरा राज्य पुलिस व होमगार्ड का होगा, जबकि आंतरिक सुरक्षा एनटीए की एजेंसी संभालेगी। महिला छात्र-छात्राओं के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ अलग से चेकिंग (फ्रिस्किंग) सुविधा होगी। प्रत्येक 3-4 केंद्रों पर एक नोडल अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। :: परिजनों के लिए टेंट और छात्रों के लिए केंद्रों पर ओआरएस :: गर्मी और मौसम को देखते हुए सभी केंद्रों पर जनरेटर, उचित प्रकाश और चालू पंखों की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज, अलग-अलग शौचालय और न्यूनतम रिस्पांस टाइम वाली डॉक्टरों की मेडिकल टीम तैनात रहेगी। छात्रों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए पर्याप्त आकार के टेंट और मोबाइल टॉयलेट बनाए जाएंगे। दूरदराज के केंद्रों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा रहेगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इंदौर से वीसी में कलेक्टर शिवम वर्मा और एसपी (ग्रामीण) राजेंद्र वर्मा शामिल हुए। :: इन प्रमुख जिलों में होंगे सबसे ज्यादा केंद्र :: प्रदेश के जिन 30 जिलों में परीक्षा होनी है, उनमें सबसे ज्यादा केंद्र इंदौर (57), भोपाल (32), ग्वालियर (24), जबलपुर (24), रीवा (12) और बड़वानी (11) में बनाए गए हैं। इनके अलावा उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा समेत अन्य जिलों में भी परीक्षा आयोजित की जाएगी।