कमलनाथ ने सीएम मोहन यादव के बयान पर किया पलटवार -मेडिकल कॉलेजों और लोकतंत्र के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा, विवेक तन्खा ने भी जताई आपत्ति भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हालिया विवादित बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, सत्ता और पद के अभिमान में भाषा की मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व के बारे में अशोभनीय टिप्पणियां की हैं, जो उनकी दुर्भावना को दर्शाती हैं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कमलनाथ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के आरोपों को पूरी तरह झूठा और राजनीतिक प्रेरणा से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मेडिकल कॉलेजों की बात करते हैं, लेकिन यह भी बताना चाहिए कि घोषित किए गए मेडिकल कॉलेजों में से कितने वास्तव में संचालित हो रहे हैं। कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का दावा करने वाली सरकारें व्यापम और नर्सिंग घोटाले जैसे मामलों के कारण देशभर में बदनाम रही हैं। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज की आधारशिला और शुरुआत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की सत्ता में वापसी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया था। उनके अनुसार, वर्ष 2020 में भाजपा जनादेश के आधार पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सत्ता में लौटी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को सत्ता का अहंकार छोड़कर जनता के मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी। सीएम का अशिष्ट भाषा का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण : तन्खा इस विवाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी टिप्पणी की हैं। उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मुख्यमंत्री द्वारा अशिष्ट भाषा का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है। तन्खा ने कहा कि ऐसी भाषा किसी भी मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप नहीं है और न ही मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में इस प्रकार की परंपरा रही है। उनके अनुसार, इस तरह के वक्तव्य प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री के बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रियाओं के बाद प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है। हिदायत/ईएमएस 02जून26