क्षेत्रीय
18-Jun-2026
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- बेरहमी से हत्या के बाद लाश को 100 फिट नीचे फैंका - सीबीआई ने दी थी आरोपियो को क्लीन चिट, जिला कोर्ट ने दिया दोषी करार - मनुआभान टेकरी पर 2019 हुई थी बच्ची के गैंग रेप के बाद हत्या की घटना भोपाल(ईएमएस)। राजधानी की पास्को एक्ट की विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल की साल 2019 में मनुआभान टेकरी पर 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 साल की नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को 100 फीट नीचे झाड़ियों में फेंकने के मामले के आरोपियों अविनाश साहू और जस्टिन राज को सुनवाई पूरी होने पर दोषी करार देते हुए जीवन की आखिरी सांस तक आजीवन सश्रम कारावास और आठ-आठ हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। प्रकरण में शासन की और से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला और नवीन श्रीवास्तव ने पैरवी की। गौरतलब है की प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने मामले की जांच के बाद आरोपियों को बेगुनाह बताते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। लेकिन विशेष अदालत ने सीबीआई की जांच में खामियां पाते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। - यह था मासूम से रेप के बाद जघन्य हत्याकांड अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल 2019 को आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 साल की नाबालिग छात्रा अपनी बुआ और उसके दोस्त अविनाश साहू के साथ मनुआभान की टेकरी पर घूमने गई थी। आरोपी अविनाश साहू ने अपने दोस्त जस्टिन राज के साथ मिलकर कर नाबालिग छात्रा से गैंगरेप किया और बाद में उसकी बड़ी बेरहमी से पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियो ने पुलिस से बचने के लिये किशोरी की लाश को 100 फीट नीचे झाड़ियों में फेंक दिया था। बाद में परिजन भी मौके पर पहुंचे और छात्रा की तलाश की। लेकिन छात्रा की कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनो ने कोहेफिजा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। - पुलिस सर्चिंग के दौरान रातभर आरोपी भी करते रहे ढूंढने का नाटक मामला कायम कर कोहेफिजा पुलिस ने रातभर उसकी सर्चिंग की, लेकिन उसके संबध में कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान दोनो आरोपी भी पुलिस और परिवार वालो के साथ छात्रा को तलाश करने का नाटक करते रहे। आगे की छानबीन में पुलिस ने जब बालिका के साथ मौजूद अविनाश साहू के बयान दर्ज करने के साथ उससे कई बार पूछताछ की तब वह अपने बयान बदलने लगा। इस पर पुलिस को उस पर शक हो गया और सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने खाई से बालिका का खून से लथपथ शव बरामद किया। - सीबीआई ने दी थी क्लीन चिट, कोर्ट ने दिया आजीवन कारावास इसके बाद पुलिस ने आरोपियो के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और हत्या सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चालान पेश किया था। प्रकरण की गंभीरता और जॉच के दौरान कई बिंदुओ में विरोधाभास होने की आंशका के चलते राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने पुलिस की डीएनए रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हुए दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देकर क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। हालांकि अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा था। आखिरकार सुनवाई पूरी होने के बाब अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए जीवन की अतिंम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई। जुनेद / 18 जून