-ट्रंप प्रशासन ने दूसरे देशों से की अपना आर्थिक और राजनीतिक समर्थन वापस लेने की अपील वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के प्रेसिडेंट और एक सीनियर ट्रायल लॉयर पर बैन लगा दिया हैं। इससे ट्रम्प प्रशासन का इस कोर्ट के खिलाफ अभियान और बढ़ गया है। कोर्ट के कामकाज को रोकने के लिए और कदम उठाने की धमकी भी दी गई है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि जापान की आईसीसी प्रेसिडेंट टोमोको अकाने और सेनेगल के सीनियर ट्रायल लॉयर अब्दौलाये सेये को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इस ऑर्डर में कोर्ट के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रुबियो ने इन दोनों अधिकारियों पर उन देशों के अधिकारियों के खिलाफ आईसीसी की कार्रवाई में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया है, जो कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग आईसीसी की उन कोशिशों में सीधे तौर पर शामिल रहे, जिनमें उन अधिकारियों की जांच, गिरफ्तारी, हिरासत या उन पर मुकदमा चलाने की कार्रवाई की गई, जिनकी सरकारों ने आईसीसी के अधिकार क्षेत्र को मंजूरी नहीं दी है। रिपोर्ट में स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक ये प्रतिबंध एग्जीक्यूटिव ऑर्डर की धारा के तहत लगाए गए हैं। इस ऑर्डर का शीर्षक है इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर प्रतिबंध लगाना। इस घोषणा से आईसीसी के साथ वॉशिंगटन के टकराव में तेजी आई है। प्रशासन ने इस ट्रिब्यूनल को अमेरिका की संप्रभुता के लिए खतरा बताया है और दूसरे देशों से अपना आर्थिक और राजनीतिक समर्थन वापस लेने की अपील की है। रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का रुख साफ रहा है। आईसीसी एक भ्रष्ट और बुरी तरह से राजनीतिक रंग में रंगी हुई अंतरराष्ट्रीय अदालत है, जिसने दुर्भावनापूर्ण तरीके से अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया है। हम देश की संप्रभुता पर इसके हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे। रुबियो ने कहा कि ये कदम उस कूटनीतिक अभियान का हिस्सा हैं, जिसे प्रशासन ने पिछले महीने शुरू किया था, ताकि आईसीसी द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के तौर पर देखे जाने वाले मामलों को चुनौती दी जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए आईसीसी से पैदा हुए खतरे को खत्म करने का हमारा सरकारी अभियान बहुत व्यापक होगा। हमें उम्मीद है कि और भी देश इस राजनीतिक और गैर-जवाबदेह कोर्ट को फंडिंग और उसमें अपनी भागीदारी बंद करके हमारे अभियान में शामिल होंगे। रूबियो ने कहा कि आईसीसी की अमेरिकी नागरिकों और उन देशों के नागरिकों को निशाना बनाने की क्षमता खत्म होनी चाहिए जो इसके सदस्य नहीं हैं। रूबियो ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन जरूरत पड़ने पर और कदम उठाने के लिए तैयार है ताकि आईसीसी को व्यवस्थित रूप से तब तक खत्म किया जा सके, जब तक कि वह अमेरिकी संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने में असमर्थ न हो जाए। बता दें हेग में स्थित आईसीसी की स्थापना रोम स्टैच्यू के तहत की गई थी, जो 2002 में लागू हुआ था। यह नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराध और आक्रामकता के अपराध के आरोपी व्यक्तियों पर मुकदमा चलाता है, जब राष्ट्रीय अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं के भीतर कार्रवाई करने में असमर्थ या अनिच्छुक होते हैं। सिराज/ईएमएस 19अगस्त26