अंतर्राष्ट्रीय
19-Jun-2026
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने फिर सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर भारत के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। पाकिस्तान की संसद में बिलावल भुट्टो ने चेतावनी दी कि यदि भारत ने पाकिस्तान का पानी रोकने की कोशिश की, तब इस्लामाबाद जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने भारत के सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले की कड़ी आलोचना कर कहा कि पाकिस्तान इस बात को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने पानी के जायज हिस्से के लिए लड़ेगा। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल ने भारत पर पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी नदियों के पानी के जायज हिस्से से कोई समझौता नहीं करेगा और पानी के बहाव को रोकने की किसी भी कोशिश का मजबूती से जवाब देगा। यह पहली बार नहीं है जब बिलावल भुट्टो ने इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी की है, पूर्व में वह नदियों में खून बहाने जैसी बातें भी कर चुके हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान में मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार को बिलावल की पार्टी पीपीपी का समर्थन प्राप्त है। दरअसल भारत ने बीते साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कई कड़े कदम उठाए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना शामिल था। साल 1960 में हुई संधि भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी का बंटवारा करती है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान में जल संकट गहराने का खतरा है, जिसके कारण इस्लामाबाद भड़का हुआ है और इस युद्ध की कार्रवाई करार दे रहा है। हालांकि, भारत ने साफ किया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह और प्रशिक्षण देना बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करेगा। गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने यूएनएससी के 62वें सत्र में भारत का ये रुख दुनिया को बात दिया। उन्होंने कहा कि भारत का आईडब्ल्यूटी पर रुख पूरी तरह स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देकर सद्भावना और दोस्ती पर आधारित सहयोग की मांग नहीं कर सकता। आशीष दुबे / 19 जून 2026