ज़रा हटके
17-Jun-2026
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वेल्स (ईएमएस)। ब्रिटेन के वेल्स शहर में स्थित एक बेहद खूबसूरत पिकनिक स्पॉट पेनलेरगेयर वैली वुड्स के जंगल के बीच बहने वाली एक शांत नदी में अचानक स्नैपिंग टर्टल प्रजाति का एक अत्यंत आक्रामक और खतरनाक कछुआ तैरता हुआ देखा गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन के बीच भारी हड़कंप मच गया। डायनासोर के जमाने जैसा दिखने वाले इस रेंगने वाले जीव को देखकर लोगों में इस कदर खौफ फैल गया कि अधिकारियों को तुरंत एक इमरजेंसी सेफ्टी अलर्ट जारी करना पड़ा। प्रशासन ने स्थानीय तैराकों और अपने पालतू कुत्तों को यहां टहलाने वाले लोगों को पानी से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 35 सेंटीमीटर लंबा और तीन से चार साल पुराना यह कछुआ इंसानों और जानवरों को बेहद गंभीर चोट पहुंचाने में पूरी तरह सक्षम था। यह लगभग एक किलो वजनी खतरनाक कछुआ, अपने नुकीले जबड़ों के लिए कुख्यात है, और इसे वन्यजीव विभाग की टीम ने एक कड़े और सूझबूझ भरे ऑपरेशन के बाद आखिरकार सुरक्षित रूप से पकड़ लिया है। इस कछुए का नाम अब शीला रखा गया है। रेस्क्यू किए जाने के बाद इस शिकारी कछुए को करीब 220 मील दूर केंट शहर में स्थित नेशनल सेंटर फॉर रेप्टाइल वेलफेयर भेजा गया है, जहां डॉक्टरों ने उसकी सेहत को बिल्कुल दुरुस्त बताया है। जीव विज्ञानियों के अनुसार, स्नैपिंग टर्टल मुख्य रूप से उत्तरी और मध्य अमेरिका के मूल निवासी होते हैं, जिसका सीधा मतलब यह है कि ब्रिटेन की इस नदी में यह कछुआ खुद से नहीं आया, बल्कि इसे किसी लापरवाह मालिक ने गैर-कानूनी तरीके से यहां लाकर लावारिस छोड़ दिया था, जो कि एक आपराधिक कृत्य है। इस प्रजाति के कछुए अपने छुरे जैसी धारदार और चोंच जैसे मजबूत जबड़ों के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात हैं, जिसका एक वार इंसान को हमेशा के लिए अपाहिज बना सकता है। रेप्टाइल सेंटर के डायरेक्टर क्रिस न्यूमैन ने इस जीव की ताकत का उदाहरण देते हुए बताया कि इस कछुए के काटने का बल बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपना हाथ कार के दरवाजे के बीच में रख दें और कोई उस दरवाजे को पूरी ताकत से बंद कर दे। हड्डियों को तोड़ने की इसकी क्षमता वास्तव में भयावह है। हालांकि, क्रिस न्यूमैन ने यह भी साफ किया कि ये कछुए खुद से चलकर इंसानों पर हमला नहीं करते, लेकिन जब कोई इनके इलाके में घुसता है या कोई पालतू जानवर इन पर अनजाने में पैर रख देता है, तो ये अपनी रक्षा के लिए बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर लेते हैं और एक बार जबड़ा फंसाने के बाद किसी भी कीमत पर उसे नहीं छोड़ते हैं। वुडलैंड ट्रस्ट की टीम को अंदेशा था कि यह कछुआ खुद को गर्म रखने के लिए झरने के पास छिपा हुआ था, जहां से इसे जाल बिछाकर और बड़ी सावधानी से पकड़ा गया। सुदामा/ईएमएस 17 जून 2026