राष्ट्रीय
11-Aug-2026
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- सरकार के आश्वासन के बाद लिया फैसला - मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद होगी पुनर्वास संबंधी मांगों पर चर्चा अगरतला, (ईएमएस)। त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो संगठनों ने 13 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक अवरोध आंदोलन को स्थगित कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं और लंबित मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद संगठनों ने यह फैसला लिया। ज्वाइंट एक्शन रिहैबिलिटेशन कमेटी (जेएएआरसी) और ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेआरसी) ने 6 अगस्त को आंदोलन की घोषणा की थी। संगठन आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के उचित पुनर्वास और विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग कर रहे थे। जेएएआरसी और जेआरसी के संयोजक जीवनजॉय रियांग ने सोमवार को बताया कि सरकार ने आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। रियांग के मुताबिक, त्रिपुरा के जनजातीय कल्याण मंत्री विकास देबबर्मा ने 5 अगस्त को आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसमें पुनर्वास सहित अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री माणिक साहा के साथ 10 अगस्त को बातचीत का निर्णय लिया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री के दिल्ली में आधिकारिक कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण बैठक नहीं हो सकी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद प्रतिनिधियों के साथ बैठक कराई जाएगी। संगठनों ने कहा कि सरकार के अनुरोध और आश्वासन का सम्मान करते हुए उन्होंने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल यातायात बाधित होने से आम लोगों को परेशानी न हो, इसलिए फिलहाल आंदोलन टाल दिया गया है। अब संगठन मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें पुनर्वास और अन्य लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।