राष्ट्रीय
21-Jul-2026
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इंफाल (ईएमएस)। मणिपुर में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) [केसीपी (पीडब्ल्यूजी)] के 46 सक्रिय कैडरों ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के उत्तराधिकारी मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह की मौजूदगी में इंफाल ईस्ट स्थित मणिपुखरी गैरीसन में आयोजित होम कमिंग सेरेमनी के दौरान आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने 28 हथियार भी सुरक्षा बलों के हवाले किए, जिनमें एके सीरीज राइफलें, इंसास राइफल, एसएलआर, .303 राइफल, कार्बाइन, पिस्तौल, सिंगल और डबल बैरल बंदूकें, एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) लॉन्चर, मैगजीन, गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य में शांति बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार के गठन के बाद अब तक करीब 1,200 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 600 लूटे गए हथियार भी शामिल हैं। उन्होंने अन्य उग्रवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने की अपील की। गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने इसे मई 2023 के संघर्ष के बाद केसीपी (पीडब्ल्यूजी) का पहला बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण बताया। अधिकारियों के अनुसार असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से यह सफलता मिली है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि 46 उग्रवादियों के एक साथ आत्मसमर्पण से संगठन की गतिविधियों और प्रभाव को बड़ा झटका लगा है तथा राज्य में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।