राष्ट्रीय
18-Jun-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ दायर शिकायत को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को जांच और विचार के लिए सौंपा गया है। यह कदम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के छह सांसदों द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पर सदन और उसके सदस्यों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली अपमानजनक, टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाने के बाद उठाया गया है। राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सदन के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नियम 203 के तहत मामले को समिति के पास भेज दिया है। इसकी शिकायत भाजपा सांसद बृजलाल, मिथिलेश कुमार, सुमित्रा बाल्मिक, शिवेश कुमार, सिकंदर कुमार और नागेंद्र राय ने संयुक्त रूप से दाखिल की थी। अधिसूचना में इस संबंध में 16 जून, 2026 की तारीख का उल्लेख है। बीजेपी सांसदों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष खरगे लगातार और जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ इसतरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे संसद की गरिमा कम हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवैधानिक पद पर आसीन किसी व्यक्ति से मर्यादित भाषा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा होती है, और खरगे की टिप्पणियाँ संसदीय परंपराओं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। यह विशेषाधिकार नोटिस राज्यसभा की कार्यवाही और कामकाज संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत दाखिल हुआ था। नियम 188 सदस्यों को सदन की गरिमा, विशेषाधिकार या संसदीय परंपराओं के उल्लंघन के मामलों में नोटिस देने की अनुमति देता है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हैं। समिति के अन्य सदस्यों में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, सुमेर सिंह सोलंकी, सुरेंद्र सिंह नागर, मनन कुमार मिश्रा और निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा शामिल हैं। अब समिति मामले की विस्तृत जांच करेगी ताकि तय हो सके कि खरगे की टिप्पणियां वास्तव में सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन करती हैं या नहीं। जांच पूरी होने के बाद, समिति अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी, जिसके आधार पर भविष्य की कार्रवाई निर्धारित होगी। आशीष दुबे / 18 जून 2026