राष्ट्रीय
17-Jun-2026
...


-मध्य प्रदेश के 8 जिलों में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण इसके आगे बढ़ने की गति सुस्त हो गई है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक मानसून बीते 8 जून से पश्चिमी तट पर स्थिर बना हुआ है, जिसके चलते इसे मायानगरी मुंबई पहुंचने में अभी 7 से 8 दिन और लग सकते हैं। इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत कम दबाव के क्षेत्र का विकसित न होना माना जा रहा है। मानसून की इस धीमी चाल के कारण देश के कुल 723 जिलों में से अब तक केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक जयपुर, भरतपुर और कोटा समेत प्रदेश के 23 जिलों में बुधवार को धूलभरी आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में झुंझुनूं सहित राज्य के 10 जिलों में करीब 2 इंच तक बारिश दर्ज की जा चुकी है। बिहार के भागलपुर, पूर्णिया और चंपारण सहित राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। हालांकि, बीते मंगलवार को राजधानी पटना समेत 7 जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया था। वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और सागर समेत 8 जिलों में बुधवार को आंधी के साथ बारिश का असर देखने को मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री नीचे गिर गया, जिससे यह जून महीने का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून अब तक 19 राज्यों में पहुंच चुका है। 18 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान बिहार में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अनुमान है। 19 जून को सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश के साथ तेज अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वायुमंडल की ऊपरी परतों में चलने वाली अत्यंत तेज हवाएं, जिन्हें जेट स्ट्रीम कहा जाता है, फिलहाल मानसून को प्रभावित कर रही हैं। जैसे ही जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होगा, वैसे ही मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो उठेंगी। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। सिराज/ईएमएस 17जून26