खेल
16-Jun-2026
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मियामी (ईएमएस)। फीफा विश्वकप फुटबॉल में इस बार ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले ही मुकाबले में जीत दिलाने वालो खिलाड़ी नेस्टोरी इरानकुंडा हीरो बनकर उभरे हैं। तुर्किये के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 27वें मिनट में शानदार गोल दागकर उन्होंने न केवल अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई, बल्कि 20 वर्ष और 125 दिन की उम्र में विश्व कप में गोल करने वाले सबसे युवा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनने की भी उपलब्धि अपने नाम की है। नेस्टोरी का यहां तक का सफर बेहद कठिन रहा है। तंजानिया के एक शरणार्थी शिविर में जन्मे नेस्टोरी के माता-पिता को बुरुंडी में गृहयुद्ध के कारण अपना देश छोड़ना पड़ा था और शरण लेने के लिए तंजानिया पहुंचना पड़ा था। इसी दौरान नेस्टोरी का जन्म हुआ। बचपन में ही उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया चला आया, जिसने उनकी जिंदगी को एक नया मोड़ दिया। यहीं पर नेस्टोरी ने फुटबॉल खेलना शुरुा किया और धीरे-धीरे अपनी असाधारण प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा। एडिलेड यूनाइटेड के लिए खेलते हुए उन्होंने घरेलू फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई, अपनी गति, तकनीक और आक्रामक खेल से ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गये। साल 2024 में जर्मनी के दिग्गज क्लब बायर्न म्यूनिख ने इस फुटबॉलर को अवसर दिया हालांकि जर्मनी में चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं रहीं। उन्होंने क्लब की दूसरी टीम के लिए कई मुकाबले खेले, पर वरिष्ठ टीम में उन्हें खेलने का अवसर नहीं मिल पाया। विश्व कप 2026 को ध्यान में रखते हुए, नेस्टोरी को नियमित खेल समय की आवश्यकता थी, जिससे उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता होने लगी। इसी बीच, उन्होंने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया और वर्ष 2025 में इंग्लैंड के क्लब वॉटफोर्ड से जुड़ गए। यह निर्णय उनके करियर के लिए अच्छा रहा। वॉटफोर्ड में उन्हें लगातार खेलने का मौका मिला और वह टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हो गए। नेस्टोरी ने हमेशा कहा था कि विश्व कप में खेलना उनका सबसे बड़ा सपना है, और इसके लिए नियमित रूप से मैदान पर उतरना अनिवार्य था। नेस्टोरी के ऑस्ट्रेलियाई साथी मोहम्मद टौरे उनकी प्रतिभा के बड़े प्रशंसक रहे हैं। टौरे ने एक बार कहा था कि उन्होंने कई अच्छे खिलाड़ी देखे हैं, लेकिन नेस्टोरी जैसी विशेष प्रतिभा बहुत कम मिलती है। तंजानिया के एक शरणार्थी शिविर से शुरू हुआ नेस्टोरी इरानकुंडा का असाधारण सफर अब विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच तक पहुंच चुका है। इससे युवा प्रतिभाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। गिरजा/ईएमएस 16जुलाई 2026